जरा हटके

कैसे बने Smarter Faster Better ?

Charles duhigg जब अपनी amassing book ‘ the power of habit ‘ को खत्म कर
रहे थें | तब से ही उन्हें science of productivity में बहुत interest आ
गया था | और उसके बाद उनकी life में बहुत कुछ होनें लगा | क्योकि उनकी book
को जबरदस्त success मिल गई थी | और कई बड़ी opportunities मिलने लगी थी |
जिसकी वजह से उनके ऊपर कई responsibility आने लगी अलग – अलग कामो की | जो
वो अच्छे से handle नहीं कर पा रहे थे | उनका time बहुत जल्दी खत्म होने
लगा था | और उनके काम बढ़ते ही जा रहें थें | insure उनकी productivity भी
बहुत कम हो गई थी | जिसकी वजह से वो अपनी success life को enjoy भी नहीं कर
पा रहें थे |  इसलिए वो डा० ‘ ‘अतुल गावड़े’ के पास गये |
‘ अतुल गावड़े ‘ एक सर्जन हैं, staff writer, best selling author, Harvard
professor, और world health organization के adviser थे | जो इतने busy
रहने के बावजूद इतने productive थे कि वो अपने टाइम को इतने अच्छे से use
करना जानते थे | कि वो सारी post को handle करने के बाद भी वो अपने बच्चो
के साथ Rock concert में जाते थे और अपनी wife के साथ time to time Mini
vacation पर भी जाते थें | अपनी success life को enjoy करते हुए….इसलिए
यह सब जानने के बाद Duhigs convince हो गये कि कुछ लोगों में productivity
होती हैं | जो उन्हें दुसरों से अलग बनाती हैं |
उसके बाद Duhigg इसी के बारे में सर्च करने लगें ….उन्होनें कई highly
लोगों के interview लियें |जिसमें कई Airline pilot, military journals, तथा
scientist भी थे जिनसे उन्होने बहुत कुछ सीखा और ऐसे ही सीखते – सीखते 3
key areas मिले जिन पर focus करके कोई भी अपनी productivity बढ़ा सकता हैं |

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1 – Motivation Power of Choice :-
   

एक study की गई थी कुछ लोगों पर….study एक दम simple थी उन्हें एक game
दिया गया था | कम्प्यूटर मे 1 to 10 में से कोई एक नम्बर आयेगा और उस नम्बर
के आने से पहले उन्हें guess करना होगा कि वो पाँच में से ज्यादा होगा या
कम होगा …..अगर वो सही guess करेगें तो वो जीत जाएँगें…नहीं तो हार
जाएँगें |
यह simple सा खेल को खेलते समय उनके brain activity पर भी नज़र रखी जा रहीं
थी MRI Scanner help से….इससे यह बात सामने आई कि  जब उन लोगों के पास
choice करने का समय आता था | तब उनके brain के एक पार्ट striatum जो
motivation के लिए responsible होता हैं वो एक दम active हो जाता था |
लेकिन जब वही खेल कम्प्यूटर को खुद चुनने के लिए छोड़ दिया जाता और कोई
choices भी नही दी जाती थी केवल result का इतंज़ार करते थे तो ऐसा करने पर
उनके brain के motivation से related part में activity होना बंद हो जाती
थी |
        Study से यह पता चला कि इंसान के पास ज्यादा कुछ करने की choice
नहीं रहती हैं या option नहीं होगें या फिर उसे ऐसा feel होगा कि उसे
ज्यादा कुछ करने के लिए नहीं हैं तो उसका motivation कम होगा | लेकिन उसके
सामने हर दिन कई choice रखें तथा कई decision लेने पड़े तो motivation भी
ज्यादा होगा |
Ex – एक couple की edge 30-40 के around था | वो पीछले तीस साल से खुशी
ज़िदंगी बिता रहा था एक – दुसरे के साथ

लेकिन अचानक उनके हसबैड़ को यहीं
problem हो गई | उनका पूरा motivation खत्म हो गया था | तब उनकी wife बहुत
परेशान हो गई थी | इस situation में better करने के लिए बहुत कुछ किया
लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ | finally उन्होने अपने पति का motivation
वापस लाने के लिए हर दिन पति का decision लेना और choices लेना बढ़ा दिया |
जैसे :- आज तुम्हें यह शर्ट पहननी हैं या वो टिशर्ट पहननी हैं…..तुम्हे
आलू की सब्जी खानी हैं, या दाल- रोटी खाना हैं | ऐसे कई choice देनें लगी
अपने पति को , धीरे – धीरे उनके पति ठीक होने लगें | इससे यह साबित होता
हैं कि आपको सामने वाले से काम करवाना हैं तो उसे option दो |
Ex – एक बच्चे को order देने की वजह उसे option दो | जैसे – बेटा , मार्केट
जाकर सब्जी लाना पसंद करोगें या घर पर रहकर सफाई करना पसंद करोगें |
Better chance him doing the work predictively ऐसे काम में chances ज्यादा
हो जाएँगें आपके काम कराने के | काम कोई भी होगा फायदा तो parents का ही
होगा |

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2 – Team :-
     

आपने देखा होगा जब लोग parents के साथ रहते हैं तब एक दम अलग behave करते
हैं | पर जब वहीं लोग अपनें friends  के साथ time spend करते हैं तो एक दम
अलग इसांन बन जाते हैं | ज्यादा open रहते हैं और ज्यादा risk लेते हैं |
ऐसा इसलिए होता है कि हम parents के साथ ज्यादा safe feel करतें हैं | यहॉ
हम आपकी जान की बात नहीं कर रहें बल्कि phychology safety की बात कर रहे
हैं | जिसका meaning कुछ ऐसा होता हैं कि आप friend के साथ ज्यादा
experience, thinking & believe हमसे ज्यादा मिलती हैं | इसलिए हम
ज्यादा open हो पाते हैं |
आज नहीं तो कल आपको एक team में ही काम करना होगा | अगर आप चाहते हो कि आप
और आपकी team का काम productivity के साथ हो तो आपको team में सभी को
friend वाली psychology safety feel हो | जहॉ अपने openly idea express कर
पाये | क्योकि जब हमें ऐसी safety feel होगी तभी हम best performance दें
पाऐगें |
         यही नियम Google ने भी लागू कियें | जब वो search कर रहे थें कि
एक perfect team कैसे काम कर सकती हैं | तो उन्होनें 5 key factor निकाले |
जिसमे से उन्हें psychology safety best idea मिला |

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3 – Focus mental modelling :-
     

1 June 2009 को air French की flight ब्राजील से पेरिस जा रही थी | journey
start होने के कुछ देर बाद ही वो plane एक बड़े तूफान में घुस चुका था |
जिसकी वजह से  plane का auto pilot अचानक बंद हो गया | plane एक तरफ झुकने
लगीं | pilot को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि plane की speed बढ़ाये या कम
करें | क्योकि उनका speed meter भी बराबर काम नही कर रहा था | इसलिए दोनों
pilot confuse और घबरा गये थे | उन्हें तब plane की nose को नीचे करके
speed बढ़ानी चाहिए थी | मगर वो नीचे करने की वजह ऊपर करने लगें | जिससे
plane की speed कम होने लगी और उनका plane अटलांटिक महासागर में crash हो
गया | इसमें दोनो pilot और passengers की मौत हो गई |
        इसी की उलट इससे भी बड़ा incident हुआ था | यह air bus सिगांपुर से
सिड़नी जा रही थी | journey होनें के कुछ देर बाद ही अचानक उसके एक इजंन
में आग लग गई | pilot ने एक दम कट्रोल अपने हाथ में ले लिया |control penal
पर बहुत सारे error आने लगें…..alarm बजनें लगें | plane इतनी problems
में आ गई कि उन सब को handle करना impossible था | monitor पर एक-एक करके
new error show होते  ही जा रहें थें | लेकिन इन सब के बावजूद pilot ने
अपने ऊपर control किया | वो घबराये नहीं और अपनी training experience पर
plane को सही सलामत सिगांपुर landing की एक successful landing बनाते हुए |
500 लोगों की जान भी बच गई |
इन दोनो प्लेनो में Malfunction हुआ था | पर दोनो में अलग था तो वो था pilot का situation control करने का तरीका |
पहले वाले plane के pilot situation control नहीं कर पायें | क्योकि वो एक
ऐसे mental error से सफर कर रहें थे जिसे बोलते हैं cognitive tunneling .
ये situation तब आती हैं जब brain relax stand से panic stand में आ जाता
हैं  | ऐसी situation में normal इसांन को चीजे समझ नहीं आती और वो बहुत
गलत decision लेने लगता हैं |
दुसरी तरफ के pilot पहले ही incident की situation को इसलिए handle कर
पायें कि उनके main pilot ने एक ऐसे concept का use किया जिसे बोलते हैं
mental modelling.
यह एक तरह visualisation जैसा ही होता हैं | जहॉ इसांन पहले ही visualise
करके रखता हैं | सारे out come visualized , all possible outcome, if he
has to deal with it .
इसलिए आप अपनी productivity बढ़ाने के लिए पहले ही दिमांक में visualization करो |

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Note – यह three key ‘ Charles duhigg ‘ की book ‘The Power of Habit’ से प्रेरित हैं |

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