जरा हटके

परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से छात्र मनोबल कैसे बढ़ायें

नमस्कार दोस्तों, आज की पोस्ट छात्रो के लिए है. दिनो-दिन परीक्षाओं का स्तर बढ़ता जा रहा है. ऐसे में छात्र किसी भी परीक्षा का परिणाम घोषित होने पर depression के शिकार हो जाते हैं.
कोई भी परीक्षा आखिरी नहीं होती और परीक्षा में फेल होने का मतलब जीवन में फेल होना नहीं है.
अभी CGL का परिणाम आया है. जो छात्र इसमें सफल हुए है उनको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और जो इस परीक्षा में पास होने से रह गये, वो यह लेख पूरा ध्यान पूर्वक पढ़े.
परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से छात्र मनोबल कैसे बढ़ायें
विकास सर
आज CGL टियर 3 का रिजल्ट आया. कुछ लोगों का मन रिजल्ट देखकर अच्छा हुआ तो बहुतों का खराब भी हुआ, स्पेशली 18 वाले छात्रों का और even list 4 वालों का भी. छात्र होने के साथ साथ यहाँ सभी है तो इंसान ही, सबने अपने अपने तरीके से अपनी मन में चल रही प्रतिक्रिया दी, कुछ पास्ट ट्रेंड का एनालिसिस भी शेयर किया गया.
अब मुद्दे की बात करते हैं. देखो बात यह है कि समस्याएं हैं, एक नहीं कई समस्याएं हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ समस्या किसी को ज्यादा प्रभावित करती हैं तो किसी को कम. कुछ समस्याओं पर हमारा आपका कंट्रोल नहीं होता, जैसे, वेकैंसी, normalization, delay या SSC की अन्य प्रक्रिया. इन समस्याओं से कोई एक नही घिरा है, सबको इनसे दिक्कतें है और इसके समाधान की कोशिश भी सभी छात्र समय समय पर Twitter, Grievance के थ्रू करते हैं, जरूरत पड़ने पर प्रोटेस्ट भी होता है. जो भी है इसमें सबको एक दूसरे का साथ देना ही है.
भले वेकैंसी कम है, भले छात्र सीट बर्बाद कर रहें हैं, भले सीट्स को लास्ट में और कम कर दिया जाता है, भले प्रश्नपत्र का लेवल घटिया है, भले चीटिंग हो रही है, पर सबसे अहम बात यह है कि Genuine छात्र का सेलेक्शन हो रहा है, आप ग्रुप के या अपने आस पास के मित्र को देखते होंगे कि उसने कैसे सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर सरकारी नौकरी हासिल की.
दूसरी समस्या व्यक्तिगत है, जो कॉमन समस्या है वो तो सबको है जिसका असर सब पर पड़ता है, पर एक दूसरी चीज़ है जिस पर केवल आपका कंट्रोल है और वो चीज़ है आपकी मेहनत, आपका पसीना, आपकी लगन, आपका जोश, आपकी persistency. इसके बल पर ही आपको अपने सारे सपने पूरे करने हैं. केवल इन्ही चीज़ों पर आपका कंट्रोल है तो इस पर ज्यादा Focus करें, बजाय विपरीत परिस्थितियों के सामने माथा टेकने के.
आज आपको पढ़ाई किसी सामान्य कॉलेज के छात्रों से प्रतिस्पर्धा जीतने के लिये नहीं करनी है. बल्कि IIT, NIT के धुरंधरों को भी परास्त करने के उद्देश्य से करना है, CGL की अधिकतर सीट्स इंजीनियर ही ले जाते हैं. हम IIT, NIT छात्रो के विरोधी नहीं हैं. पर उनके परीक्षा में भाग लेने से प्रतिस्पर्धा स्वत: बढ़ जाती है. सामान्य छात्रों का मुकाबला बढ़ जाता है.  आपकी तैयारी के समय इस बात को जितना जल्दी अपने दिमाग में डाल लेंगे आपकी तैयारी में उतना ही निखार आएगा.
सफलता को चांदी की चमक से ज्यादा पसीने की खुश्बू पसंद है.”
इंसान होने के नाते दु:खी होना स्वाभाविक है, निराश होना, रोना भी स्वाभिक है. पर इंसानी जिद्द भी तो स्वाभाविक है. इंसान अपनी जिद्द में पहाड़ काट देता है. चाँद तक पहुँच जाता है. फिर यह तो एक परीक्षा ही है. अब आपका टारगेट 100% अगली परीक्षाओं की तरफ होना चाहिये और ये अत्यधिक मेहनत से ही संभव हो सकता है.
‘Back of mind’ यह ध्यान रखें कि आपका सामना IIT/NIT से भी है, इसलिये उसी अनुसार तैयारी भी करनी है.
कहने को बहुत कुछ है पर अभी और ज्यादा कहूँगा नहीं, बस lastly इतना कहना चाहता हूँ, की खुद पर विश्वास रखिये, CGL हो या CHSL, या फिर कोई bussiness या कोई प्राइवेट नौकरी रास्ते बहुत हैं बस हिम्मत कभी नहीं हारना है. क्योंकि “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं.”
 विकास सर                                    धन्यवाद ! 🙏
       📝
नालंदा काॅम्पटीशन क्लासेस,
“हमारा काम ही हमारी पहचान है”
पता – मीनाक्षी टाॅकीज के सामने, पीपल वाली गली, रामघाट रोड़ (अलीगढ़)
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