जरा हटके

2021 होली कैसे मनायें | होली में कोरोना वायरस से बचाव

Holi 2021

Coronavirus in Hindi

आप सभी को MJC की तरफ से ‘होली’ 2021 की बहुत-बहुत शुभकामनाएं ! ❤❤ होली रंगो का त्योहार है. कहा जाता है कि इस दिन लोग दुश्मनों से भी गले मिलते हैं. अपने घरों से दूर रह रहे लोग इस दिन हर हालत में घर पहुंचकर अपनों के बीच यह त्योहार मनाना चाहते हैं. लेकिन घर के अलावा ऐसी और भी जगहें हैं जहां पर मनाई गई होली आपको जीवनभर याद रहेगी.भारत में होली का त्यौहार मुख्य त्यौहारों में से एक हैं. आइयें जानते हैं होली से जुड़े कुछ रोचक Facts. साथ ही जानेगें कि इस बार होली में क्या सावधानियां बरतें ताकि होली की खुशियों में किसी बिमारी की नज़र न लगें ?

बृज की होली के बारे में एक प्रसिद्ध कहावत है और सटीक भी है क्योंकि जहां देश भर में होली अधिकतम 3 दिन तक तक मनाई जाती है वहीं बृज क्षेत्र में इस त्यौहार के रंग महीने भर तक उड़ते हैं. बृज श्री कृष्ण और राधा की लीला नगरी है इसलिए यहां के स्थानों से लेकर पर्वों तक के भाव उन्हीं से जुड़े हुए हैं, होली भी इसी क्रम में शामिल है.

होली ! त्योहार एक, सीख अनेक

2021 में होली कैसे मनाये । कोरोना वायरस से बचाव
क्यों मनाई जाती हैं ब्रज में लठ्ठ मार होली ?

माना जाता है कि कृष्ण राधा और उनकी गोपियों के साथ होली खेलने के लिए अपने ग्वालों के साथ नंदगांव से बरसाना आया करते थे और गोपियां उन्हें लाठियों से मारा करती थीं. तभी से यह एक रस्म बन गई. आज भी हुरियार नंदगांव से बरसाना होली खेलने जाते हैं और गोपियां उन्हें लाठी मारती हैं, इससे यह होली लट्ठमार के नाम से प्रसिद्ध हो गई. बृज में होली के सुंदर गीत फ़ाग भी गाए जाते हैं,

“आज ब्रज में होली हैं रे रसिया” प्रसिद्ध फ़ाग गीत हैं.”

दुनियाँ भर में मशहूर हैं भारत की ये पाँच जगह :

1- आनंदपुर साहिब- पंजाब के आंनदपुर साहिब की होली का अंदाज बिल्कुल अलग होता है. यहां आपको सिख अंदाज में होली के रंग की जगह करतब और कलाबाजी देखने को मिलेगी जिसे ‘होला मोहल्ला’ कहा जाता है.

2- उदयपुर की होली- अगर आप शाही अंदाज़ को पसंद करते हैं तो इस बार की होली उदयपुर में मनाएं. राजस्थानी गीत-संगीत के साथ यहां होली काफी भव्यता से मनाई जाती है.

3- शांतिनिकेतन की होली- अगर आपको अबीर और गुलाल की होली पसंद है तो शांतिनिकेतन की होली आपको बहुत रास आएगी. शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध विद्यालय है जहां सांस्कृतिक व पारंपरिक अंदाज में गुलाल और अबीर की होली खेली जाती है.

4- बरसाने की होली- लट्ठमार होली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इसे देखने के लिए देश से ही नहीं विदेशों से भी लोग आते हैं. तीन दिन तक चलने वाली इस होली को अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है.

5- मथुरा-वृंदावन- कृष्ण और राधा की नगरी में मनाई जाने वाली फूलों की होली दुनियाभर में मशहूर है. एक हफ्ते तक मनाए जाने वाले इस उत्सव के दौरान आप यहां के खाने पीने का लुत्फ भी उठा सकते हैं.

 


होली में कोरोना से कैसे बचें : 💥💥💥

इस बार ‘कोरोना’ वायरस ने होली के रंग को भी फिका किया है. हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री ‘नरेद्र मोदी’ ने किसी भी सार्वजनिक प्रोग्राम में शामिल न होने की सलाह दी हैं. उन्होनें खुद अपने निजी प्रोग्राम रद्द कर दियें है.

कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रहा जितना दूसरे देशों में फैल रहा है. ये वायरस अब तक 60 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है.

भारत में दिल्ली और तेलंगाना में भी इसके दो मामले सामने आने के बाद अब ये संख्या 31 हो गई हैं. संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके.

मीडियाँ खबरों के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर आगे आपको कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं.

हालांकि, अभी तक ये पूरी तरह से पता नहीं चल सका है कि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलता हैं.  इससे मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं.

इसलिए आप ख़तरे को कम करने के लिए इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-

कोरोनावायरस के ख़तरे से बचने के उपाय

एनएचएस की सलाह के मुताबिक़, अपने हाथ अच्छी तरह धोएं. खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढक लें और हाथ साफ़ न हों तो आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें.

इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस पार्सल, चिट्टियों या खाने के ज़रिए फैलता है. कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक ज़िंदा नहीं रह सकते.

चायनीज सामनो से परहेज करें ताकि उन पर लगें किसी भी संकर्मण से बचा जा सकें.

‘कोरोना’ वायरस को लेकर देश में तरह-तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं, ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि अगर कोई इस बीमारी की चपेट में आ जाए या आने की आशंका हो तो क्या करना चाहिए ? इसमें मरीज को सपोर्टिव इलाज दिया जाता है. लक्षण के आधार पर इलाज किया जाता है. इसके लिए स्पेशल बचाव जरूर रखना चाहिए. खासकर मास्क को भी संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी है, हाथ धोएं. हमारे देश के लिए अच्छी बात यह है कि चीन के बाद हमें इस बीमारी के बारे में काफी आइडिया हो गया और जिस टाइम ये वायरस हमारे देश में आया यहां गर्मी की शुरुआत हो गई है.

दोस्तों, आपको यह Post कैसी लगी. गमें Comment section में जरूर बतायें. अपने आस-पास साफ-सफाई रखें तथा आपस में प्रेम व्यवहार बनायें रखें. आप हमें Merajazbaamail@gmail.com  पर मेल कर सकते हैं.            

                                                  धन्यवाद !

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button