जरा हटके

Employee friendly उधोगपति “सावजी भाई ढ़ोलकियाँ” की Inspirational Story

हिन्दुस्तान में एक ऐसा शख्स जिसने आप जैसे बहुत सारे Entrepreneur के दिल में यह आग लगा दी….यह भावना जगा दी कि अपनी Team के लिए कुछ करना चाहिए ।”

 

मैं बात कर रहा हूँ भारत के सबसे बड़े Employee friendly organization के जन्मदाता “सावजी भाई ढ़ोलकियाँ”सूरत की ।

 

टीओआई के मुताबिक ‘सावजी भाई ढोलकिया’ ने गुजरात के अमरेली जिले के दुधाला गांव से पढ़ाई की और 13 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने के बाद अपने चाचा के डायमंड बिजनेस में हाथ बंटाना शुरू किया। 10 साल तक कड़े संघर्ष के बीच उन्होंने बहुत कुछ सीखा और 1991 में Hari Krishna Export pvt. Ltd कम्पनी की शुरूआत की।

‘सावजी भाई ढ़ोलकियाँ’ का लगभग 50 से ज्यादा देशों में हीरा जाता हैं ।

उन्होने दिवाली बोनस के रूप में 490 से ज्यादा employees को कार 207 employees को flat और लगभग 500 से ज्यादा employees को ज्वैलरी देने वाले इस व्यक्ति का मानना हैं कि ” मैं अपने employees की केयर करता हूँ वो मेरे Profit की केयर करते हैं ।

मैं एक बीज बोता हूँ , बदले में मुझे सैकड़ो बीज मिल जाते हैं ।

मैं एक पुण्य करता हूँ , उस एक पुण्य की बदौलत ऊपर वाला मेरी झोली उपहारों से भर देता हैं ।

मैं कम्पनी में सिर्फ हीरा ही नहीं बनाता , बल्कि इंसान को भी हीरा बनाता हूँ ।”

 

क्या आप अपनी Profit से पहले अपने employees की Care को पहले रखते हैं। यदि रखते हैं तो याद रखियें, आपके Employees आपको उस शिखर पर ले जा सकते हैं, जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी ।

 

‘सावजी भाई ढोलकिया’ मिशाल हैं, विनम्रता की ; क्योकि इनके यहाँ आज भी Employee complete box लगा हैं | यह खुद हर दिन देखते हैं कि मेरे Employee को मुझसे क्या शिकायत हैं ?

जो लोग आपके लिए रात-दिन एक करते हैं | आप उनके लिए कुछ छड़ भी निकाल ले तो यकिन मानियें , वो आपके लिए इतना करेगें कि आप उसको अपनी झोली में समा नहीं पायेगें ।

 

Class 4 में ‘सावजी भाई ढोलकिया’ ने पढ़ाई छोड़ दी क्योकि उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता था ।

 

आज इनकी कम्पनी का सालाना टर्नओवर 7000 हजार करोड़ से भी ज्यादा हैं ।

जब बात किसी से सफलता के पीछे किसका हाथ हैं, पूँछने की आती हैं तो अधिकतर लोग अपने घर परिवार या किसी निकटतम व्यक्ति का हाथ बताते हैं । लेकिन जब ‘सावजी भाई’ से यह सवाल किया गया तो

वो अपने इस मुकाम तक पहुँचने के पीछे अपने कर्मचारियों का हाथ बताते हैं ।

महान दयालुता की खान हैं ‘सावजी भाई ढ़ोलकियाँ’ ….

आज इनकी कम्पनी में काम करने के लिए हर दिन 50 से ज्यादा resume आते हैं । इनको बाहर जाकर कभी Employee तलाश करने की जरूरत नहीं पड़ती ।

सावजी भाई‘ से Parents  को भी Inspration लेनी चाहिए । 
आज के समय में हर माँ- बाप अपने बच्चों को लग्जरी जिदंगी देते हैं । ऐसा करके वह असल जिदंगी में उन्हें कमजोर कर रहें होते हैं ।  वह किसी भी परेशानी को Negative लेते हैं जबकि ‘सावजी भाई ‘ इसे भी जीवन का अहंम हिस्सा मानते हैं किसी भी व्यक्ति को सफल होने के लिए ….।
‘सावजी भाई’ ने अपने बेटे ‘दृव्य’ को सिर्फ 7 हजार रूपये देकर कोच्ची भेज दिया । जहाँ न गुजराती बोली जाती हैं और न इतनी हिन्दी बोली जाती हैं, और बताया कि तुम अपने पिता का नाम ( position ) का भी लाभ नहीं ले सकते ।
तुम कहीं भी VIP Status हासिल नहीं कर सकते तथा इससे भी जरूरी कि तुम ये रूपये भी सिर्फ इमरजेन्सी में इस्तेमाल करोगें ।
‘सावजी भाई’ के बेटे ‘दृव्य’ ने उनकी बात मानी और वो कोच्ची पहुँचे । कोच्ची इसलिए कि क्योकि उन्हें मलयालम नहीं आती थी इससे उनके लिए वहाँ रहने में और कड़ी चुनौती हो गई ।
‘दृव्य’ ने लगभग 50 से ज्यादा जगह नौकरी के लिए आवेदन दिया मगर हर जगह रिजेक्शन हो गया ।
‘दृव्य’ ने पूरी ताकत लगा दी नौकरी खोजने में ; एक स्थति तो ऐसी आ गई कि वो 40 रूपये का खाना भी जुगाड़ नहीं पायें । उसके बाद उन्हें बेकरी की दुकान पर काम करना पड़ा । फिर कुछ दिन गुजारने के बाद क्रमश: ‘मैंक डोनाल्ड’ , काँफी शाँप , काँल सेटंर आदि कई जगह पर काम किया ।
‘सावजी भाई’ कहते हैं , ” मैं उसे दिखाना चाहता था कि जीवन की असली सच्चाई क्या होती हैं । कठिनाई क्या होती हैं …परेशानियों का मुकाबला कैसे करते हैं ।
यह सबक दुनियाँ के किसी भी Institute में नहीं बताया जा सकता ।
सावजी भाई‘ अपने मैनेजमेंट में निम्न बातो को शामिल करते हैं । जिन्हे हमें इस्तेमाल करना चाहिए :-
1 – कम्पनी के कर्मचारियों को कर्मचारी मत समझो उन्हें Family member समझों ।
2 – अपने कर्मचारी को अपनी कम्पनी में Stake दो और उनको Stakeholder मानों ।
3 – Art of humility अपने अदंर मानवता की भावना पैदा करें ।
4 – अपने कर्मचारियों के संसाधनों का जिम्मा लें । ताकि वो खुद पर गर्व करें, उन्हें अपने काम पर गर्व हो ।
5 – सिर्फ अपने लिए ही नहीं, अपने कर्मचारियों के लिए भी कमायें ।
नोट :- यह जानकारी इटंरनेट के माध्यम से आपकी जानकारी के लिए जुटाई गई हैं । 
तो दोस्तों, आपको आज की पाँस्ट से क्या सीखने को मिला । हमें अपनी राय कमेंट के माध्यम से अवश्य दें ।
यदि आपके पास  कोई प्रेरणादायक कहानी या जानकारी हैं तो आप हमारी मेल आई डी Merajazbaamail@gmail.com पर भेज सकते हैं ।
                                                     धन्यवाद !

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