जरा हटके

Corona virus एक महामारी

Corona virus in Hindi

दोस्तों, आपने टीवी, Social media, अखबार हर जगह पर ‘कोरोना’ वायरस का नाम जरूर सुना होगा और आपको शायद यह पता भी होगा कि इसका सम्बंध चीन से हैं.

* पर आप यह जानते हैं कि इसकी शुरूआत कहाँ से     हुई ?
* यह पहली बार कहाँ खोजा गया ?
* क्या यह पहले भी खोजा जा चुका हैं ?
* ये कितना खतरनाक हैं ?
* यह कहाँ-कहाँ फैल चुका हैं ?
* क्या हमें इसकी चितां होनी चाहिए ?
इन सभी सवालो के जवाब जानने के लिए पाँस्ट को आखिरी तक जरूर पढ़ियें.

1- ‘कोरोना’ वायरस क्या हैं ?

‘कोरोना’ वायरसो का परिवार हैं. इसे कुछ इस प्रकार समझा जा सकता हैं.
                          Corona virus
                                  ⬇
229E           SARS       MERS             nCov
जो इंसानो और जानवरो को बीमार करता हैं. ये वायरस आपके शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करके उन कोशिकाओं को वायरस बनाने के लिए इस्तेमाल करता हैं.
‘कोरोना’ वायरस का नाम इसके आकार पर रखा गया हैं. इसके चारो ओर नुकीले फुलावदार काँटे जैसे होते हैं. जिसकी वजह से यह मुकुट जैसा दिखता हैं. मुकुट को अंग्रेजी में Crown कहते हैं और Crown को लैटिन भाषा में Corona कहते हैं इसलिए इसका नाम Corona virus रखा गया हैं.
यदि आपको लगता हैं कि ‘कोरोना’ वायरस अभी कुछ दिन पहले ही खोजा गया हैं. तो ऐसा भी नहीं हैं. ‘कोरोना’ वायरस 1960 के दशक में खोजा गया था. जो अभी कुछ दिन पहले खोजा गया हैं. यह सबसे नये प्रकार का ‘कोरोना’ वायरस हैं. सबसे ज्यादा ‘कोरोना’ वायरस SARS (servers acute respiratory syndrome) + MERS (middle East respiratory syndrome) हैं. इन दोनो वायरस ने 1500 से अधिक लोगों की जान ली थी. रोचक बात हैं कि SARS भी चीन में ही पाया गया हैं.

2- ‘कोरोना’ वायरस कहाँ से फैलना शुरू हुआ ?

ऐसा कहाँ जा रहा हैं कि नया वायरस मध्य चीनी शहर Wuhan के एक गैर कानूनी जानवर बाजार से फैलना शुरू हुआ. इस बाजार में खाने के लिए जिंदा जानवर, दुर्लभ जानवर और अन्य अवैध जानवरों की बिक्री होती हैं. इसे nCov भी कहाँ जाता हैं.
N ➡ Novel
C ➡ Corona
V ➡ Virus
इसे Wuhan वायरस भी कहाँ जा रहा हैं. सबसे पहले इस वायरस के Case को 8 दिसम्बर के दिन रिपोर्ट किया गया था. कुछ मीडियाँ खबरो की माने तो चीनी सरकार और वहा के प्रशासन ने इसको दवा दिया था और न्यूज चैनल को रिपोर्ट करने से Ban कर दिया गया था पर वो ज्यादा दिनों तक इसे छिपा नहीं सकें. कुछ अतंराष्ट्रीय अखबारो ने यह रिपोर्ट की थी कि यह वायरस Wuhan national safety leboratory की लापरवाही से बना होगा या फिर चीन बतौर biological weapons में इस्तेमाल करना चाहता था. पर biological weapons एक्सपर्ट ने इस theory को पूरी तरह गलत बताया और बताया इस वायरस में Engineered वायरस के कोई लक्षण नहीं है. यह वायरस कुदरती बना हैं. खैर यह एक बहस का मुद्दा हैं.

3- ‘कोरोना’ वायरस कैसे फैल रहा हैं ?

यह वायरस Infected व्यक्ति के छिकने या खासने से या Infected को छूने से या उसके पास जाने से फैलता हैं. मान लीजिए यदि कोई Infected व्यक्ति छिकता हैं और आप उस जगह को छूते हैं और फिर आप आँख, नाक को मसलते हैं तब भी आपको Infected कर सकता हैं. पर अभी तक यह पूरी तरह पुख्ता नहीं हुआ हैं कि यह वायरस Exactly किन-किन चीजों से फैल सकता हैं. जो कि ज्यादा खतरनाक हैं क्योकि हमें पक्का पता होगा कि यह कैसे फैलता हैं तो हम ‘कोरोना’ वायरस से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना पाते. सूत्रों से यह बात पता चली हैं. कि ‘कोरोना’ वायरस सबसे ज्यादा 50-65 बर्ष के व्यक्ति को Infect कर रहा हैं. हमें यह भी बात पता चली हैं कि ‘कोरोना’ वायरस उन लोगों को ज्यादा Infect कर रहा हैं जो पहले से ही बीमार हैं.
अब सवाल हैं :-

4 – ‘कोरोना’ वायरस का इलाज क्या हैं ?

This is a main important thinks. तो Friends सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह हैं कि इस वायरस की Vacsin अभी तैयार नहीं हुई हैं. Johnson & johnson कम्पनी ने यह बात कहीं हैं कि ‘कोरोना’ वायरस की Vaccine बनाने के लिए कम से कम 10 से 12 महिने लगेगें. उसके बाद भी वो सिर्फ Test के लिए काम आयेगी. यानी वो काम करेगी इसकी कोई Surety नहीं हैं.
जिस तरीके से ‘कोरोना’ वायरस फैल सकता हैं. कुछ ही महिनों में यह बहुत हानी पहुँचा सकता हैं. अब इस वायरस से बचने का सिर्फ एक तरीका हैं और वो तरीका हैं इसे फैलने से रोका जायें. चीन प्रशासन से Wuhan समेत 16 शहरो को बंद कर दिया हैं. यानि इन शहरो में न तो कोई आ सकता हैं और न कोई बाहर जा सकता हैं. यह knock down मानव इतिहास का सबसे बडा Knock down हैॆ. जो 5 करोड़ लोगों की जिदंगी पर प्रभाव कर रहा हैं.

अब बात Fact और Figure की करते हैं.

‘कोरोना’ वायरस का पूरा असर 5 से 14 दिनों में देखा जा सकता हैं. Wuhan शहर में 1 करोड़ लोग रहते हैं लगभग 50 लाख लोग इस महिने Wuhan शहर से रवाना हो चुके हैं. यानि 50 लाख लोगों में कुछ लोग इसकी चपेट में आ चुकें हैं तो अन्य लोगों के लिए भी बहुत बड़ा खतरा हैं. अगर सही समय पर इसका निवारण और इलाज नहीं ढूढ़ा गया तो यह अब तक का सबसे खतरनाक ‘कोरोना’ वायरस होगा.
अभी चीन ने 811 लोगों की मौत होने का दावा किया हैं और तकरीबन 37000 लोग इस Case से पीडित हैं.
चीन के अलावा दुनियाँ भर में 74 लोग ‘कोरोना’ वायरस से सम्बधित रिपोर्ट हुए हैं. इस वायरस से पीड़ित केवल चीन में ही नहीं बल्कि भारत, कम्बोडियाँ, केनड़ा, यू. ए. ई, जर्मनी, जापान, मलेशिया, श्री लंका, सिगांपुर, साउथ अफ्रीका, थाईलैण्ड और अमेरिका में भी पाये जाने लगे हैं. दुनियाँ भर के लोग चीन में रहते हैं. इसमें Student, व्यापारी तथा मल्टी नेशनल कम्पनीयों के कर्मचारी भी रहते हैं. बहुत से लोग रोजाना चीन से भारत तथा भारत से चीन जाते हैं. भारतीय सरकार चीन से भारतीय लोगों को एअर लिफ्ट करने की सोच रहीं हैं. भारतीय अधिकारियों ने चीन के लिए आनावश्यक यात्रा के खिलाफ एक Advisory जारी की हैं.
फरवरी के महिने में इण्डिगों एअर लाइन ने चीन की उड़ानो को रद्द कर दिया हैं. सरकार ने यह बात कहीं हैं. चीन से भारत आये हुए यात्रियों को Ncov यानी Wuhan ‘कोरोना’ वायरस के लिए टेस्ट किया जायेगा. ‘कोरोना’ वायरस चीन की अर्थ व्यवस्था को काफी नुकसान कर सकता हैं. क्योकि Wuhan एक करोड़ लोगों का शहर हैं. Wuhan चीन की GDP में 12 लाख करोड़ जोड़ता हैं. हर साल 30 लाख Tourist Wuhan शहर आते हैं और 300 से अधिक बड़ी कम्पनियाँ Wuhan में स्थित हैं.
Best cities of china (GDP)
1-  Shangi
2-  Beijing
3-  Shewzhen
4-  Guangzhou
5-  Chongqing
6-  Tianjin
7-  Suzhou
8-  Chengdu
9-   Wuhan
10- Hangzhou
पता नहीं ‘कोरोना’ वायरस चीन के Experiment का Side effect हैं या फिर कुदरती हैं या फिर जानवरो के प्रति चीन की बेरहमी का परिणाम हैं. यह काफी अलार्मिक हैं. क्योकि चीन दुनियाँ का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश हैं. इसके बावजूद वहाँ लोकतंत्र नहीं हैं. चीन में बड़ी आसानी से बड़ी-बड़ी खबरे दबा दी जाती हैं. चीनी सरकार दूसरे देशों से मदद नहीं मागती और न दूसरे देशों को दखल देने की अनुमति देती हैं.
ऐसे में अन्य देशों को भी नुकसान पहुँच सकता हैं.
ऐसे में आपकी जानकारी व सतर्कता ही बचाव का एकमात्र साधन हैं.
नोट – ‘कोरोना’ वायरस से सम्बधित सभी जानकारी आमंत्रित हैं. हमने यह सभी जानकारी अन्य स्रोतों से जुटाई हैं. ताकि लोगों को जागरूक किया जा सकें.

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